RBSE Class 9th 2026 HALF-YEARLY-FREEDOM-MOVEMENT-AND-TREDITIONAL-RAJASTHAN-912-011225 Previous Year Papers
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 9th |
| Exam year | 2026 |
| Subject | HALF-YEARLY-FREEDOM-MOVEMENT-AND-TREDITIONAL-RAJASTHAN-912-011225 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 9th 2026 HALF-YEARLY-FREEDOM-MOVEMENT-AND-TREDITIONAL-RAJASTHAN-912-011225
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Rajasthan Board Class 9th HALF-YEARLY-FREEDOM-MOVEMENT-AND-TREDITIONAL-RAJASTHAN-912-011225 2026 solved Previous Year Question Papers
खण्ड - अ
बहुविकल्पीय प्रश्न - (40×1=40)
Objective Type Questions
प्र.1. राजस्थान में 1857 की क्रांति के समय कितने ठिकाने व छावनियाँ थीं?
- 20 ठिकाने, 6 छावनियाँ
- 20 ठिकाने, 5 छावनियाँ
- 4 ठिकाने, 6 छावनियाँ
- 5 ठिकाने, 5 छावनियाँ
How many estates and cantonments were there in Rajasthan at the time of the 1857 Revolution?
- 20 estates and 6 cantonments
- 20 estates and 5 cantonments
- 4 estates and 6 cantonments
- 5 estates and 5 cantonments
सही उत्तर: (क) 20 ठिकाने, 6 छावनियाँ / (A) 20 estates and 6 cantonments
स्पष्टीकरण: 1857 के विद्रोह के समय राजस्थान में 20 ठिकाने (रियासतें) और 6 छावनियाँ (ब्रिटिश सैन्य छावनियाँ) थीं।
प्र.2. जनसंख्या की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा आन्दोलन कौनसा था?
- गुर्जर आन्दोलन
- जाट आन्दोलन
- आदिवासी आन्दोलन
- किसान आन्दोलन
Which was the largest movement in Rajasthan in terms of population?
- Gurjar Movement
- Jat Movement
- Tribal Movement
- Farmers Movement
सही उत्तर: (ख) जाट आन्दोलन / (B) Jat Movement
स्पष्टीकरण: जाट आन्दोलन राजस्थान का सबसे बड़ा जनसंख्या-आधारित आन्दोलन था, जिसमें बड़ी संख्या में जाट समुदाय के लोग शामिल हुए।
प्र.3. विजय सिंह पथिक का जन्म कब हुआ था?
- 1834
- 1882
- 1890
- 1896
When was Vijay Singh Pathik born?
- 1834
- 1882
- 1890
- 1896
सही उत्तर: (ख) 1882 / (B) 1882
स्पष्टीकरण: विजय सिंह पथिक का जन्म 1882 में हुआ था। वे राजस्थान के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और किसान आन्दोलन के नेता थे।
प्र.4. बेगूँ किसान आन्दोलन किसने चलाया था?
- रामनारायण चौधरी
- सागरमल गोपा
- विजय सिंह पथिक
- महाराजा जयसिंह
Who led the Begun farmers movement?
- Ramnarayan Chaudhary
- Sagarmal Gopa
- Vijay Singh Pathik
- Maharaja Jai Singh
सही उत्तर: (ग) विजय सिंह पथिक / (C) Vijay Singh Pathik
स्पष्टीकरण: बेगूँ किसान आन्दोलन (1921) का नेतृत्व विजय सिंह पथिक ने किया था, जो राजस्थान के किसान आन्दोलनों में महत्वपूर्ण था।
प्र.5. सर्वप्रथम किस प्रजामण्डल की स्थापना हुई?
- कोटा
- जोधपुर
- जयपुर
- धौलपुर
Which Prajamandal was first established?
- Kota
- Jodhpur
- Jaipur
- Dholpur
सही उत्तर: (क) कोटा / (A) Kota
स्पष्टीकरण: राजस्थान में सबसे पहले कोटा प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई थी, जो जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करता था।
प्रश्न पत्र – पृष्ठ 3
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्र. 1. जैन शिक्षा प्रचारक की स्थापना किसने की?
- (क) अमरचंद बांठिया
- (ख) विजय सिंह पथिक
- (ग) केसरी सिंह बारहठ
- (घ) अर्जुनलाल सेठी
Who founded the Jain Shiksha Pracharak?
- (A) Amarchand Banthia
- (B) Vijay Singh Pathik
- (C) Kesari Singh Barhath
- (D) Arjunlal Sethi
सही उत्तर (Correct Answer): (क) / (A) अमरचंद बांठिया (Amarchand Banthia)
व्याख्या: जैन शिक्षा प्रचारक की स्थापना अमरचंद बांठिया ने की थी। वे राजस्थान में जैन शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए जाने जाते हैं।
प्र. 2. 1857 की क्रांति का स्वागत करने वाले कवि कौन थे?
- (क) सूरजमल
- (ख) सूर्यमल
- (ग) लोथू जी
- (घ) जवाहर जी
Who was the poet who welcomed the Revolution of 1857?
- (A) Surajmal
- (B) Suryamal
- (C) Lothu ji
- (D) Jawahar ji
सही उत्तर (Correct Answer): (ख) / (B) सूर्यमल (Suryamal)
व्याख्या: सूर्यमल मिश्रण ने 1857 की क्रांति का स्वागत करते हुए अपनी रचनाओं में देशभक्ति का संचार किया।
प्र. 3. हुड़दा सम्मेलन कब आयोजित हुआ?
- (क) 1534
- (ख) 1634
- (ग) 1734
- (घ) 1834
When was the Hurda Conference held?
- (A) 1534
- (B) 1634
- (C) 1734
- (D) 1834
सही उत्तर (Correct Answer): (ख) / (B) 1634
व्याख्या: हुड़दा सम्मेलन 1634 में आयोजित हुआ था, जो राजस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है।
प्र. 4. करौली प्रजामण्डल की स्थापना कब हुई?
- (क) 1936
- (ख) 1937
- (ग) 1938
- (घ) 1939
When was the Karoli Prajamandal established?
- (A) 1936
- (B) 1937
- (C) 1938
- (D) 1939
सही उत्तर (Correct Answer): (ग) / (C) 1938
व्याख्या: करौली प्रजामण्डल की स्थापना 1938 में हुई थी, जो राजस्थान के प्रजामण्डल आंदोलन का हिस्सा था।
प्र. 5. पुलवामा आतंकी हमले में शहीद रोहिताश लाम्बा राजस्थान के कौनसे जिले के थे?
- (क) जयपुर
- (ख) उदयपुर
- (ग) बीकानेर
- (घ) चूरू
Rohitash Lamba martyred in the Pulwama terrorist attack was from which district of Rajasthan?
- (A) Jaipur
- (B) Udaipur
- (C) Bikaner
- (D) Churu
सही उत्तर (Correct Answer): (घ) / (D) चूरू (Churu)
व्याख्या: पुलवामा हमले में शहीद रोहिताश लाम्बा राजस्थान के चूरू जिले के निवासी थे।
रिक्त स्थान (Fill in the Blanks)
प्र. 1. 'चेतावनी रा चुंगटिया' के लेखक ________ हैं।
'Chhetavani Ra Chungatiya' is written by ________.
उत्तर: केसरी सिंह बारहठ (Kesari Singh Barhath)
प्र. 2. राजस्थान का पहला समाचार पत्र ________ में प्रारम्भ हुआ।
The first newspaper of Rajasthan started in ________.
उत्तर: 1820 ई. (1820 AD)
प्र. 3. 1857 की क्रांति के समय उदयपुर रियासत के शासक का नाम ________ था।
The name of the ruler of Udaipur state at the time of the 1857 Revolution was ________.
उत्तर: महाराणा स्वरूप सिंह (Maharana Swaroop Singh)
प्र. 4. काली बाई ने ________ को बचाया था।
Kali Bai saved ________.
उत्तर: अपने पति (her husband) को
प्र. 5. स्वतंत्रता के समय राजस्थान का नाम ________ था।
The name of Rajasthan at the time of independence was ________.
उत्तर: राजपूताना (Rajputana)
प्र. 6. राजस्थान दिवस ________ को मनाया जाता है।
Rajasthan Day is celebrated on ________.
उत्तर: 30 मार्च (30 March)
प्र. 7. विजय सिंह पथिक का वास्तविक नाम ________ है।
Vijay Singh Pathik's real name is ________.
उत्तर: भूप सिंह (Bhoop Singh)
प्र. 8. पुलवामा में शहीद होने वाले भागीरथ ________ जिले के थे।
Bhagirath, who was martyred in Pulwama, was from ________ district.
उत्तर: चूरू (Churu)
Short Answer Type Question II
प्र. 40 राजस्थान में अंग्रेजी साम्राज्य के आरंभिक विस्तार पर प्रकाश डालिए।
Throw light on the initial expansion of the British Empire in Rajasthan.
अंग्रेजों का राजस्थान में प्रवेश 18वीं शताब्दी के अंत में हुआ। 1803 में लॉर्ड लेक ने मराठों को हराकर दिल्ली पर कब्जा किया। 1817-18 में अंग्रेजों ने राजपूत राज्यों के साथ संधियाँ कीं, जिससे वे संरक्षित राज्य बन गए। अंग्रेजों ने व्यापार, सैन्य सहायता और राजनीतिक हस्तक्षेप के माध्यम से अपना विस्तार किया।
प्र. 42 राजस्थान में 1857 की क्रांति के आरंभ के प्रमुख कारणों को संक्षेप में समझाइये।
Briefly explain the main reasons for the outbreak of the 1857 Revolution in Rajasthan.
राजस्थान में 1857 की क्रांति के प्रमुख कारण थे: (1) अंग्रेजों की विस्तारवादी नीति और राज्यों का विलय, (2) सामाजिक-धार्मिक हस्तक्षेप (जैसे सती प्रथा पर रोक, विधवा पुनर्विवाह कानून), (3) आर्थिक शोषण और करों में वृद्धि, (4) सैनिकों में असंतोष (चर्बी वाले कारतूस का मामला), (5) जनता में अंग्रेजी शासन के प्रति असंतोष।
प्र. 43 स्वतंत्रता आंदोलन में विजय सिंह पथिक की भूमिका का वर्णन कीजिए।
Describe the role of Vijay Singh Pathik in the Independence movement.
विजय सिंह पथिक (1882-1954) राजस्थान के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने बिजौलिया किसान आंदोलन (1916) का नेतृत्व किया, जो जमींदारों के अत्याचार के विरुद्ध था। उन्होंने 'राजस्थान सेवा संघ' की स्थापना की और जनजागृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे असहयोग आंदोलन में भी सक्रिय रहे और कई बार जेल गए।
प्र. 45 स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान शेखावाटी क्षेत्र में हुए किसान आंदोलन का वर्णन कीजिए।
Describe the Peasant Movement in the Shekhawati region during the freedom movement.
शेखावाटी क्षेत्र में किसान आंदोलन (1920-30) मुख्यतः ठिकानेदारों के अत्याचार और लगान वृद्धि के विरुद्ध था। इसका नेतृत्व अर्जुन लाल सेठी, हरिराम सिंह और अन्य नेताओं ने किया। किसानों ने कर न देने, जबरन वसूली का विरोध और सत्याग्रह जैसे तरीके अपनाए। यह आंदोलन राजस्थान में जनजागृति का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
प्र. 46 उन्नीसवीं सदी में राजस्थान में हुए भील विद्रोह के कारणों का उल्लेख कीजिए।
Mention the reason for the Bhil Revolt in Rajasthan in the 19th century.
19वीं सदी में भील विद्रोह के प्रमुख कारण थे: (1) अंग्रेजों और स्थानीय शासकों द्वारा भीलों की जमीनों पर कब्जा, (2) वनों पर प्रतिबंध और आजीविका का संकट, (3) भीलों पर अत्याचार और शोषण, (4) सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन, (5) अंग्रेजी शासन के प्रति अविश्वास। ये विद्रोह मुख्यतः मेवाड़ और दक्षिणी राजस्थान में हुए।
प्र. 47 मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में उदयपुर प्रांत में हुए आदिवासी विद्रोह का वर्णन कीजिए।
Describe the Tribal Revolt in Udaipur Province under the leadership of Motilal Tejawat.
मोतीलाल तेजावत (1889-1964) ने 1920 के दशक में उदयपुर प्रांत में आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व किया। यह विद्रोह जमींदारों और स्थानीय शासकों के अत्याचार के विरुद्ध था। तेजावत ने आदिवासियों को संगठित किया और कर न देने, बेगार बंद करने जैसी मांगें रखीं। इस आंदोलन को 'भील आंदोलन' भी कहा जाता है और यह राजस्थान के स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
Long Answer Type Question (Do any 3 questions)
प्र. 48 भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अंतर्गत राजस्थान में समाचार पत्रों की क्या भूमिका रही?
What role did Newspapers play in Rajasthan during India's freedom Struggle?
राजस्थान में समाचार पत्रों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 'राजस्थान केसरी', 'नवीन राजस्थान', 'प्रजा हितैषी' जैसे अखबारों ने अंग्रेजी शासन की आलोचना की और जनता को जागरूक किया। ये पत्र स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों का प्रसार करते थे, किसान आंदोलनों को समर्थन देते थे और राष्ट्रीय चेतना फैलाते थे। अंग्रेजों ने इन पर प्रतिबंध लगाए, लेकिन ये भूमिगत रूप से प्रकाशित होते रहे।
प्र. 49 अर्जुन लाल सेठी कौन थे? भारत के मुक्ति संग्राम में उनकी क्या भूमिका रही?
Who was Arjun Lal Sethi? What role did he play in India's Liberation movement?
अर्जुन लाल सेठी (1880-1941) राजस्थान के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे। उन्होंने 'राजस्थान केसरी' और 'नवीन राजस्थान' जैसे समाचार पत्रों का संपादन किया। वे शेखावाटी किसान आंदोलन के नेता थे और उन्होंने जनजागृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे असहयोग आंदोलन में शामिल हुए और कई बार जेल गए। उनके लेखन और आंदोलनों ने राजस्थान में राष्ट्रीय चेतना फैलाने में मदद की।
प्र. 50 बिजौलिया किसान आंदोलन पर प्रकाश डालिए।
Throw light on the Bijolia Farmers Movement.
बिजौलिया किसान आंदोलन (1916-1923) राजस्थान का प्रमुख किसान आंदोलन था। यह बिजौलिया ठिकाने (मेवाड़) में जमींदारों के अत्याचार और लगान वृद्धि के विरुद्ध शुरू हुआ। विजय सिंह पथिक ने इसका नेतृत्व किया। किसानों ने कर न देने, सत्याग्रह और प्रदर्शन किए। यह आंदोलन 7 साल चला और अंततः किसानों को राहत मिली। इसने राजस्थान में जनजागृति और स्वतंत्रता संग्राम को मजबूत किया।
प्र. 51 राजस्थान सेवा संघ के मुख्य उद्देश्य क्या थे? राजस्थान में जन जागृति में राजस्थान सेवा संघ की भूमिका को समझाइये।
What were the main objectives of the Rajasthan Seva Sangh? Explain the role of the Rajasthan Seva Sangh in public awareness in Rajasthan.
राजस्थान सेवा संघ की स्थापना 1919 में विजय सिंह पथिक ने की थी। इसके मुख्य उद्देश्य थे: (1) राजस्थान में जनजागृति और राष्ट्रीय चेतना फैलाना, (2) किसानों और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना, (3) सामाजिक सुधार (जैसे शिक्षा, छुआछूत का अंत), (4) स्वतंत्रता संग्राम को समर्थन देना। संघ ने समाचार पत्र, सभाएं और आंदोलनों के माध्यम से जनता को जागरूक किया और राजस्थान में राष्ट्रीय आंदोलन को मजबूत किया।
Essay type question
प्र. 52 राजस्थान में जन जागृति में कांग्रेस की भूमिका का वर्णन कीजिए।
Describe the role of the Congress in public awareness in Rajasthan.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने राजस्थान में जनजागृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1920 के दशक में कांग्रेस ने राजस्थान में अपनी गतिविधियाँ शुरू कीं। कांग्रेस नेताओं ने किसान आंदोलनों, प्रजामंडलों और स्वतंत्रता संग्राम को समर्थन दिया। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन ने राजस्थान में जनता को प्रेरित किया। कांग्रेस ने समाचार पत्रों, सभाओं और प्रदर्शनों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना फैलाई और अंग्रेजी शासन के खिलाफ जनता को संगठित किया।